बड़ी सफलता प्राप्त करनी है तो पहले छोटे-छोटे लक्ष्य बनाकर उन्हे हासिल करें

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moral stories in hindi
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moral stories in hindi – शिवाजी ने उस वृद्ध महिला से कुछ खाने के लिए मांगा। बुढ़िया के घर में केवल चावल थे, उसने चावल पकाए और उसे ही परोस दिया। शिवाजी बहुत भूखे थे, सो झट से भात खाने की आतुरता में उंगलियां जला बैठे।  हाथ की जलन शांत करने के लिए फूंकने लगे। यह देख बुढ़िया ने उनके चेहरे की ओर गौर से देखा और बोली-सिपाही तेरी सूरत शिवाजी जैसी लगती है और साथ ही यह भी लगता है कि तू उसी की तरह मूर्ख है। वृद्ध महिला की बात सुनकर शिवाजी चौंक गए। उन्होंने बुढ़िया से पूछा- भला शिवाजी की मूर्खता तो बताओ और साथ ही मेरी भी।  बुढ़िया ने उत्तर दिया- तुमने किनारे से थोड़ा- थोड़ा ठंडा भात खाने की बजाए बीच के सारे भात में हाथ डाला और उंगलियां जला लीं यही मूर्खता शिवाजी करता है। वह दूर किनारों पर बसे छोटे- छोटे किलों को आसानी से जीतते हुए शक्ति बढ़ाने की अपेक्षा बड़े किलों पर धावा बोलता है और हार जाता है। शिवाजी को अपनी रणनीति की विफलता का कारण पता चल गया। उन्होंने बुढ़िया की सीख मानी और पहले छोटे लक्ष्य बनाए और उन्हें पूरा करने की नीति अपनाई।  इस प्रकार उनकी शक्ति बढ़ी और अंततः वे बड़ी विजय पाने में समर्थ हुए।

moral stories in hindi कहानी से सिख

सफलता की शुरूआत छोटे- छोटे संकल्पों से होती है, तभी बड़े संकल्पों को पूरा करने का आत्मविश्वास जागृत होता है। इस कहानी से यह सीख मिलती है कि पहले छोटे लक्ष्य बनाएं और फिर बड़े लक्ष्य के बारे में सोचें। ऐसा करने से सफलता जरूर मिलेगी, क्योंकि छोटा लक्ष्य प्राप्त करने पर बड़े लक्ष्य को पाने की ऊर्जा दोगुनी हो जाती है।

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18 comments

  1. जब एक बच्चा जन्म लेता है तो सबसे पहले रोता है, फिर कुछ समय के बाद करवटें बदलने की कोशिश करता है, फिर करवट बदलते बदलते अपने घुटनों के बल आगे बढ़ने का कोशिश करता है पुनः खड़ा होने का कोशिश करता है, कई बार कोशिश करने के बाद, गिरता है फिर खड़ा होने की कोशिश करता है, फिर उन्हें उँगलियाँ पकर कर चलना सिखाते हैं फिर धीरे चलना सिख लेता है। बड़ा होने के बाद दौड़ता है, इसी प्रकार से बड़ा कामयाबी के लिए हमें अपने बचपन से सिखना चाहिए और इन बातों को जो भी अच्छी तरह से समझ लिया वही लोग एक दिन बड़ी कामयाबी को प्राप्त करते हैं। जय श्री राधे।

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